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PMGSY का कहर जारी: सड़क के नाम पर उजड़ा आदिवासी का खेत, एक महीने से न्याय का इंतजार


वन विभाग एंव इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के 1000 करोड़ से ज्यादा के जंगलो को अब तक PMGSY सड़को के नाम पर उजाड़ चुका है

बीजापुर – प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत जिले में चल रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही और मनमानी लगातार सामने आ रही है। ताजा मामला बीजापुर जिले के ग्राम चोखनपाल से जुड़ा है, जहां सड़क निर्माण के नाम पर एक गरीब आदिवासी किसान की पुश्तैनी जमीन उजाड़ दी गई।

पीड़ित किसान बुधरू माड़वी (60 वर्ष) ने कलेक्टर बीजापुर को दिए अपने लिखित आवेदन में आरोप लगाया है कि संबंधित ठेकेदार ने बिना अनुमति उसकी निजी कृषि भूमि पर जबरन खुदाई कर सड़क निर्माण शुरू कर दिया। इस दौरान खेत में गहरा गड्ढा बना दिया गया, जिससे जमीन पूरी तरह से खेती योग्य नहीं रही।

किसान का कहना है कि उसका पूरा परिवार इसी जमीन पर निर्भर है और अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इतना ही नहीं, आरोप है कि ठेकेदार ने खेत के किनारे की अतिरिक्त जमीन भी खोदकर मलबा सड़क निर्माण में उपयोग कर लिया।

⚠️ एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं

पीड़ित ने करीब एक महीने पहले कलेक्टर को शिकायत दी थी, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे न केवल परिवार परेशान है, बल्कि गांव में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है।

*❗ ग्रामीणों में आक्रोश*

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर गरीब आदिवासियों की जमीन उजाड़ी जा रही है। बिना सहमति जमीन पर कब्जा और नुकसान की भरपाई न होना प्रशासन और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

*🔥 उठते बड़े सवाल*

बिना अनुमति निजी जमीन पर निर्माण कैसे हुआ?

शिकायत के बावजूद प्रशासन चुप क्यों?

क्या आदिवासी किसानों की जमीन यूं ही उजाड़ी जाती रहेगी?

*📢 न्याय की मांग*

पीड़ित किसान ने ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपनी जमीन के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब संज्ञान लेकर पीड़ित को न्याय दिलाता है, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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