


बीजापुर – बीजापुर में शिक्षक आत्महत्या प्रकरण को लेकर राजनीति तेज हो गई है। विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता कर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विधायक ने दावा किया कि भाजपा के बड़े नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के दबाव के चलते एक शिक्षक ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। उन्होंने कहा कि मृतक शिक्षक लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना झेल रहा था।
प्रेस वार्ता में लगाए गए प्रमुख आरोप —–
⭕ पालनार में बन रहे 20 लाख के स्कूल भवन में घटिया निर्माण के बावजूद, अधूरे काम का पूरा भुगतान निकालने का दबाव बनाया जा रहा था।
⭕ शाला शिक्षा समिति के निर्माण कार्य में नेताओं और ठेकेदारों का सीधा हस्तक्षेप था, जिससे शिक्षक पर लगातार दबाव और प्रताड़ना बढ़ती गई।
⭕ विधायक ने भाजपा नेता जागर लक्षमेया सहित संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।
⭕ स्कूल रजिस्टर में दर्ज चेक नंबर के अनुसार 11 लाख रुपये से अधिक का भुगतान जागर लक्षमेया और देवाशीष मंडल को किए जाने की बात कही गई।
⭕ पेटी ठेकेदार के पीछे किसी बड़े ठेकेदार की भूमिका होने की आशंका भी जताई गई।
विधायक मंडावी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए DEO और DMC की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
साथ ही उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि मामले में बड़े नेताओं और अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि सुसाइड नोट में दर्ज नामों पर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी और कोतवाली का घेराव किया जाएगा।
—- यह मामला अब केवल आत्महत्या तक सीमित नहीं रहकर भ्रष्टाचार, दबाव और राजनीतिक हस्तक्षेप के बड़े आरोपों में बदलता नजर आ रहा है।





