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‘पूना मारगेम’ से शांति की ओर निर्णायक कदम: बीजापुर में 12 इनामी माओवादी कैडरों ने हथियार छोड़ मुख्यधारा का रास्ता चुना

बीजापुर – छत्तीसगढ़ शासन की ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ नीति के अंतर्गत बीजापुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। साउथ सब जोनल ब्यूरो से जुड़े कुल 12 सशस्त्र माओवादी कैडरों ने हिंसा और जनविरोधी विचारधारा को त्यागते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इन कैडरों पर उनके धारित पद एवं संगठनात्मक भूमिका के अनुसार कुल 54 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं सुरक्षा बलों की उपस्थिति में हुए आत्मसमर्पण के दौरान दरभा डिविजन के डीव्हीसीएम सोमडू मड़कम, बटालियन नंबर-01 की पार्टी सदस्य हुंगी कुंजाम उर्फ सोनी, कंपनी नंबर-02 की पार्टी सदस्य पायकी कुंजाम, उत्तर सब जोनल ब्यूरो की पीपीसीएम आयती मड़कम उर्फ पुन्नी, पश्चिम बस्तर डिविजन के एसीएम चमनलाल कुडियम उर्फ छोटू और पार्वती पुनेम उर्फ राघो ने हिंसा का रास्ता छोड़ने की घोषणा की।

इसी क्रम में पश्चिम बस्तर डिविजन से जुड़े सन्ना माड़वी, नेशनल पार्क एरिया कमेटी की पार्टी सदस्य शांति कुडियम, भैरमगढ़ एरिया कमेटी की पीएलजीए सदस्य छोटी तेलम, मद्देड़ एरिया कमेटी की पीएलजीए सदस्य जिम्मो उईका उर्फ अंकिता, भैरमगढ़ एरिया कमेटी की पीएलजीए सदस्य शमीला मड़कम तथा दरभा डिविजन के पीएलजीए सदस्य हिड़मा माड़वी भी मुख्यधारा में लौटने वालों में शामिल रहे।

पुनर्वास के दौरान इन माओवादी कैडरों द्वारा AK-47 और SLR राइफल सहित 03 ऑटोमैटिक हथियार, मैग्जीन और कारतूस के अलावा बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री—250 जिलेटिन स्टिक, 400 डेटोनेटर, गन पाउडर का ड्रम और कार्डेक्स वायर—स्वेच्छा से सुरक्षा बलों को सुपुर्द की गई।

2024 से अब तक का आंकड़ा—– 

पुलिस विभाग के अनुसार, बीजापुर जिले में 01 जनवरी 2024 से अब तक 888 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जबकि 1163 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं और 231 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं। यह आंकड़े राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।

मुख्यधारा में लौटे सभी कैडरों के सामाजिक पुनर्वास एवं पुनर्समावेशन हेतु आवश्यक विधिक प्रक्रिया जारी है। शासन की नीति के तहत प्रत्येक कैडर को 50,000 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने भारतीय संविधान में आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया है।

अधिकारियों की अपील——

बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने शेष माओवादी कैडरों से अपील करते हुए कहा कि वे भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्यागकर निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें। वहीं, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. पट्टलिंगम ने कहा कि सुरक्षा कैम्पों की स्थापना, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और विकास योजनाओं की प्रभावी पहुंच के चलते माओवादी संगठन का आधार क्षेत्र लगातार सिमट रहा है और ‘पूना मारगेम’ अभियान शांति, विश्वास और विकास का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।

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