बीजापुर। जिले में रेत माफियाओं के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका खुलासा देर रात मिंगाचल रेत खदान में हुआ। रात करीब 1:30 बजे विधायक ने अचानक मौके पर पहुंचकर छापामार कार्रवाई की, जहां जेसीबी और पोकलेन मशीनों से खुलेआम अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा था।
मौके पर रेत निकाल कर वाहनों के माध्यम से डंपिंग की जा रही थी। विधायक ने स्वयं पूरी गतिविधि देखी और तत्काल खनिज विभाग के अधिकारियों को फोन कर मौके पर बुलाया। सूचना मिलते ही नेमेड थाना प्रभारी भी पुलिस बल के साथ पहुंचे।
छापे के दौरान अवैध उत्खनन में लगी मशीनें और वाहन मौके पर मिले, जिन पर जप्ती की कार्रवाई शुरू की गई। विधायक की कार्रवाई से रेत माफियाओं में अफरा-तफरी मच गई और क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब रात के अंधेरे में भारी मशीनों से अवैध खनन चल रहा था, तब जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? क्या यह पूरा खेल अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहा था या फिर किसी की मौन सहमति से सरकारी राजस्व को चूना लगाया जा रहा था?
मिंगाचल खदान में हुए इस खुलासे ने एक बार फिर जिले में अवैध खनन के नेटवर्क और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि कार्रवाई केवल वाहन जप्ती तक सीमित रहती है या फिर रेत माफियाओं और उनके संरक्षकों तक भी जांच की आंच पहुंचती है।



